ट्रेडिंग एक प्रोफेशन क्यों खास है?
ट्रेडिंग एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें हम खुद के बस खुद होते हैं। यहां पर हम प्रॉफिट करें या लॉस करें हमें कोई बोलने वाला नहीं होता ना ही कोई रोकने वाला नहीं होता है । दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग ट्रेडिंग को अपना प्रोफेशन चुनते हैं लेकिन कुछ ही सालों में वह ट्रेडिंग छोड़ देते हैं इसमें बहुत सारे फैक्टर काम करते हैं लेकिन उसमें से भी एक फैक्टर यह है कि उन्हें परफेक्ट एंट्री नहीं मिल पाती है या परफेक्ट एंट्री लेना नहीं जानते इसके कारण वह मार्केट में कंफ्यूज रहते हैं और वो बड़ा लॉस कर बैठते हैं । तो आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे कि कैसे हम परफेक्ट एंट्री और अपने ट्रेड में प्लान सकते हैं |
ट्रेडिंग को प्लान करने के 5 जरूरी फैक्टर !
1.Market Phase को समझना
2.Levels को समझना
3.Confirmation का इंतज़ार करना
4.Liquidity को समझना
5.Trading Psychology
1.Market Phase
मार्केट फेस में हमलोग मार्केट के ट्रेंड market phase मार्केट फेस में हमलोग मार्केट के ट्रेंड को पता करते है कि मार्केट uptrend me hai , sideways है या डाउंट्रेंड में है । जब भी हम मार्केट मूव करता है तो एक pattern में मूव करता है पहले अप ट्रेड आएगा फिर साइडवेज आएगा फिर downtrend या uptrend आएगा ।जब कभी भी हमे किसी छोटे टाइम फ्रेम के लिए प्लान करना है तब हम उसे बड़े टाइम फ्रेम के साथ compare karenge । अगर बड़े और छोटे टाइम फ्रेम में भी Trend सेम रहेगा तब हम Same Trend को फोले करेंगे और trade प्लान करेंगे सपोज हमें 5 मिनट के टाइम फ्रेम में ट्रेड प्लेन करना है तब हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम और 30 मिनट के टाइम फ्रेम को देखेंगेअगर दोनों टाइम फ्रेम में trend सेम रहा तो हम इस ट्रेंड को फॉलो करते हुए ट्रेड को एक्जूक करेंगे अगर up ट्रेंड में रहा तो हम long करेंगे अगर डाउन ट्रेन में रहा तो हम short karenge ।ऐसा नहीं होना चाहिए कि अगर 15 मिनट का टाइम फ्रेम में ट्रेन डाउनवार्ड है तो हम 5 मिनट के टाइम फ्रेम में अपवर्ड ट्रेड को एग्जीक्यूट करें ऐसा करने पर हमें नुकसान हो सकता है । Understand Levals जब हम चार्ट पर लेवल ड्रा करते हैं तब हम पता चलता है कि यहां पर एक अच्छा support hai or yaha par ek अच्छा रजिस्टेंट है । ये हमे आइडिया देता है की इस सपोर्ट से मार्किट ऊपर जा सकता है या इस रजिस्टेंट से मार्किट नीचे गिर सकता है ।ऐसा जरूरी नही है की जो हमने रजिस्टैंट बनाया है वहा से मार्किट गिरना suru ho Jaye ।ऐसा भी हो सकता है रेजिस्टेंट को ब्रेक करे एक trap banaye logo ka SL Hit kare then market girna suru ho ।या फिर रजिस्टेंट को टच ही न करे मार्केट फॉल करना शुरू कर दे । हम निफ्टी 50 के चार्ट को 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर देखते हैं।सबसे पहले हमने एक रेगिस्तान ड्रा किया । हमने यहां निफ़्टी फिफ्टी का चार्ट ओपन कर लिया है हमने एक रेगिस्तान ड्रा किया है आप किसी भी टाइम पर रजिस्टर ड्रॉ कर सकते हैं हमने यहां पर 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर रेजिडेंट को ड्रॉ किया है । लेकिन हमारा माइंडसेट हमेशा सीलिंग की तरफ ही रहेगा क्योंकि हम जानते हैं कि रेजिस्टेंस पर मार्केट गिरना शुरू करता है ।इस सपोर्ट को ध्यान से देखिए और बताइए लाइव मार्केट में आपकी एंट्री कहां होगी ।हो सकता है कि आप यहां पर एंट्री कर दो।हो सकता है आप इस सपोर्ट के ब्रेक आउट पर एंट्री करो। सबका अपना-अपना एंट्री लेने का तरीका होता है।लेकिन मेरा यह मानना है कि जब तक हमें कोई कंफर्मेशन नहीं मिलती है तब तक हम एंट्री नहीं लेंगे।

सपोज हमें 5 मिनट के टाइम फ्रेम में ट्रेड प्लेन करना है तब हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम और 30 मिनट के टाइम फ्रेम को देखेंगे
अगर दोनों टाइम फ्रेम में trend सेम रहा तो हम इस ट्रेंड को फॉलो करते हुए ट्रेड को एक्जूक करेंगे अगर up ट्रेंड में रहा तो हम long करेंगे अगर डाउन ट्रेन में रहा तो हम short karenge ।
ऐसा नहीं होना चाहिए कि अगर 15 मिनट का टाइम फ्रेम में ट्रेन डाउनवार्ड है तो हम 5 मिनट के टाइम फ्रेम में अपवर्ड ट्रेड को एग्जीक्यूट करें ऐसा करने पर हमें नुकसान हो सकता है ।
Understand Levals
जब हम चार्ट पर लेवल ड्रा करते हैं तब हम पता चलता है कि यहां पर एक अच्छा support hai or yaha par ek अच्छा रजिस्टेंट है । ये हमे आइडिया देता है की इस सपोर्ट से मार्किट ऊपर जा सकता है या इस रजिस्टेंट से मार्किट नीचे गिर सकता है ।
ऐसा जरूरी नही है की जो हमने रजिस्टैंट बनाया है वहा से मार्किट गिरना suru ho Jaye ।
ऐसा भी हो सकता है रेजिस्टेंट को ब्रेक करे एक trap banaye logo ka SL Hit kare then market girna suru ho ।
या फिर रजिस्टेंट को टच ही न करे मार्केट फॉल करना शुरू कर दे ।
हम निफ्टी 50 के चार्ट को 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर देखते
हैं।
सबसे पहले हमने एक रेगिस्तान ड्रा किया ।

हमने यहां निफ़्टी फिफ्टी का चार्ट ओपन कर लिया है हमने एक रेगिस्तान ड्रा किया है आप किसी भी टाइम पर रजिस्टर ड्रॉ कर सकते हैं हमने यहां पर 1 मिनट के टाइम फ्रेम पर रेजिडेंट को ड्रॉ किया है । लेकिन हमारा माइंडसेट हमेशा सीलिंग की तरफ ही रहेगा क्योंकि हम जानते हैं कि रेजिस्टेंस पर मार्केट गिरना शुरू करता है ।
इस सपोर्ट को ध्यान से देखिए और बताइए लाइव मार्केट में आपकी एंट्री कहां होगी ।
हो सकता है कि आप यहां पर एंट्री कर दो।
हो सकता है आप इस सपोर्ट के ब्रेक आउट पर एंट्री करो।
सबका अपना-अपना एंट्री लेने का तरीका होता है।
लेकिन मेरा यह मानना है कि जब तक हमें कोई कंफर्मेशन नहीं मिलती है तब तक हम एंट्री नहीं लेंगे।
Confirmation
Confirmation हमे किसी भी wining trade को प्लान करने के लिए कन्फर्मेशन का वेट करना चाहिए ऐसा नही होना चाहिए की हम कोई भी randam trade me apna position bana le ।
कन्फर्मेशन का मतलब यह है कि जब हम अपने ट्रेडिंग सेटअप को देखते हैं तो हम मल्टीपल पॉइंट को एनालाइज करते हैं तो सारा पॉइंट से हमें यही पता चले की मार्केट किस directon में मूव करने वाला है ।
इसी को हम लोग कंफर्मेशन बोलते हैं।कंफर्मेशन के लिए मैं जनरली ट्रेन लाइन का उसे करता हूं।कुछ लोग कंफर्मेशन के लिए इंडिकेटर का उसे करते हैं जैसे कि एमएसडी , RSI , pivot point कुछ लोग candlistic पैटर्न को यूज करते है सब का अपना-अपना तरीका होता है ।
आइए हम एक example से इस बात को समझते हैं ।हम बैंक निफ्टी के चार्ट को ड्रॉ कर लेते हैं ।

यहां पर हम देखरहे है की हमारे पास एक प्रीवियस रेजिस्टेंट लेवल है जो ब्रेक आउट के बाद सपोर्ट बन चुका है और प्राइस अभी सपोर्ट लेवल पर है, support के पास हमे बुल्लिस कैंडल देखने को भी मिल रहा हैं ।At the same place हमारे पास 50 ema का सपोर्ट भी है।
इसके साथ-साथ RSI 60 के करीब है यह हमें दिखता है की मार्केट में स्ट्रॉन्ग स्ट्रेंथ है । यहां पर हमे multiple factors mil rahe h जिसको एनालिसिस करके हम छोटे स्टॉपलॉस के साथ Trade ले सकते हैं।आप हमेशा कोशिश करें कि आप रेंडम ट्रेड में ना एंट्री ले जब तक आपको कोई कन्फर्मेशन ना मिले तब तक आप एंट्री लेने से अवॉइड करें जब आपको लगे कि यह मेरा सेटअप है यह ट्रेड हमारे फेवर में जाने वाला है तभी आप वहां पर एक छोटे स्टॉप लॉस के साथ अपनी एंट्री को बना सकते है ।।
Liquidity
लिक्विडिटी हम वॉल्यूम के साथ compare कर सकते हैं ।लिक्विडिटी का सिंपल मतलब hota hai किसी पार्टिकुलर टाइम फ्रेम में चाहे वह 1 मिनट का हो 5 मिनट का हो मिनट का 15 मिनट का हो ।कोई भी टाइम फ्रेम हो सकता है ।
इस टाइम पर कितना क्वांटिटी बाय और सेल किया जा रहा है।अगर मार्केट में लिक्विडिटी है तभी प्राइस मूव करेगा। किसी भी ट्रेड में हमें एंट्री बनाने से पहले यह देखना जरूरी है कि क्या मार्केट में लिक्विडिटी है या nhi अगर लिक्विडिटी नहीं रहेगा तो मार्केट साइड ways ho जाएगा। लिक्विडिटी हमें कब देखने को मिलता है।लिक्विडिटी जनरली ट्रेन लाइन के ब्रेक आउट पर सपोर्ट के ब्रेक आउट registance के ब्रेकआउट पर मिलता है
ऐसा क्यों क्योंकि यहीं पर लोग अपने पोजीशंस को बनाते है ।लिक्विडिटी को अच्छे से समझने के लिए आप इस चार्ट को ध्यान से देखिए।

हमने यहां पर निफ़्टी 50 के 5 मिनट टाइम फ्रेम का चार्ट लगाया है । यहां पर आप देखिए 22100 पर एक अच्छा रेजिस्टेंस है । जब यह रजिस्टर्ड ब्रेक हुआ तो कुछ रिटेलर्स ने यहां पर अपना पोजीशन बनाया उन्होंने अपना स्टॉप लॉस इस कैंडल के नीचे लगाया होगा लेकिन कुछ ही समय में उनका स्टॉप लॉस हिट हो गया ।
ऐसा क्यों उन्होंने तो ये देखा होगा न कि yaha par ट्रेंड लाइन का ब्रेक आउट है एक अच्छा रजिस्टेंस का भी ब्रेक आउट है तब जा कर के ऊनलोगो ने पोजीशन यहां पर बनाया लेकिन फिर भी उनका स्टॉपलॉस क्यूं हिट हो गाया।
इसका असर है लिक्विडिटी क्यूंकि रेजिस्टेंट के ब्रेक आउट पर वॉल्यूम नहीं था इसके कारण प्राइस नीचे आ गया और स्टॉपलॉस हिट हो गया जब एक बार स्टॉप लॉस हिट हो गया तब जो रिटेलर्स थे वह अब बाहर निकल गए अब क्या होगा कि जो बड़े इंस्टीट्यूशन है वह अपना बाइंग स्टार्ट कर देंगे तब यहां से प्राइस ऊपर जाना शुरू करेगा ।
हमे अपना ट्रेड प्लान करना रहे तो कया साइकोलॉजी रहेगा । हम देखते यहां Breakout fluere h price ko teji se niche girna चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ । मार्केट ने एक bullish candle hamaar ka formation Kiya tab yaha se hamara view uptrend me hi trade lene ka ho jata Jaise hi breakout ata ham apna chota sa stoploss lagakar trade ko plane karte
।यहां पर आप ध्यान से देखिए यहां resitance ब्रेक करने के बाद में इन प्राइस ऊपर गया बाद में वह प्राइस इस रेजिस्टेंस लेवल पर आता है जो कि अब सपोर्ट बन चुका है लेकिन जब वह आया तो एक अच्छा खासा टाइम बिता कर आया ।उसके बाद सपोर्ट ब्रेक करता है रिटेलर्स फिर से अपना पोजीशन बना लेते है अगला ही कैंडल्स शार्प रिवर्सल देता है और स्टॉप लॉस खाकर एक अच्छा खासा मूव दे देता है।सपोज अगर आप लाइव मार्केट में ट्रेड कर रहे होते तो आप इस ट्रेड को किस साइकोलॉजी के आधार पर प्लान करते ?














Leave a Reply