आज की दुनिया में सभी जल्दी अमीर बनना चाहते हैं। लोग शॉर्टकट खोजते हैं, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि सब्र और सही समय पर लिया गया निर्णय असली दौलत है। आज हम आपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप निवेश की शक्ति को समझेंगे। ये भोपाल के नवनीत छपरवाल की कहानी है, जिनके दादाजी ने सालों पहले उनकी किस्मत बदल दी।

एक शेयर, और बदल गई किस्मत!
जैसा कि आप ऊपर की तस्वीर में देख रहे हैं नवनीत के दादाजी ने 2007 में MRF कंपनी के 1900 शेयर्स खरीदे थे। उस समय एक शेयर की कीमत मात्र ₹700 थी। उन्होंने कुल ₹13,30,000 (तेरह लाख तीस हजार रुपये) का निवेश किया था।
उसे समय किसी भी व्यक्ति ने यह कभी नहीं सोचा होगा कि यह छोटा सा निवेश एक दिन करोड़ का खजाना बन जाएगा लेकिन जो बीच नवनीत के दादाजी ने जमीन के अंदर इन्वेस्टमेंट के रूप में बोया था आज उसे पेड़ में करोड़ों का फल लग चुका है यह होती है इन्वेस्टमेंट की पावर। आज MRF के एक शेयर की कीमत ₹1,34,305 से भी ज्यादा है!
आइए, अब इसका पूरा गणित समझते हैं:
कुल निवेश: 1900 शेयर x ₹700 = ₹13,30,000
आज की कीमत: 1900 शेयर x ₹1,34,305 = ₹25,51,79,500 (पच्चीस करोड़ इक्यावन लाख से ज्यादा)
क्यों इतने बड़े नंबर देखकर उड़ गए ना ,आपके भी होश जी हां आपने सही पढ़ा है जो निवेश कभी सिर्फ तेरा लाख का था ,आज वह 25 करोड रुपए से भी ज्यादा का हो चुका है । यह लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की असली ताकत जो छोटी से रकम को इतना बड़ा बना सकता है ,कि आप अपनी बची हुई लाइफ आसानी से काट सकते हैं ।
इस कहानी से हमें क्या सीखना चाहिए?
https://youtu.be/YvtSqAb3AAk?si=04StRD_eEmdOUn8e
यह सिर्फ़ एक व्यक्ति के अमीर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें निवेश के कुछ सुनहरे नियम छिपे हैं।
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट की ताकत (Power of Long-Term Investing)
दादाजी चाहते तो जब शेर का भाव थोड़ा सा ही बड़ा होता तो वह बेच सकते थे लेकिन उन्होंने अपने शेयर्स को होल्ड करने का फैसला किया । शेयर बाजार में पैसा कमाने का सबसे बड़ा मंत्र ही “सब्र” है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में एक अच्छी कंपनी आपको राजा बना सकती है,और यही सब्र ने दादा जी को राजा बना दिया ।
2. सही कंपनी का चुनाव
एमआरएफ एक जानी मानी कंपनी है ,जिसे भारत के बच्चे बच्चे तक जानते हैं MRF के आपने टायर्स देखे होंगे यह तब से आप देख रहे होंगे जब सचिन अपने एमआरएफ के bat से खेलते थे, उसके बाद विराट कोहली ने MRF के bat से खेल यह भारत की एक सबसे भरोसेमंद कंपनी है । दादाजी ने किसी अनजान या कमजोर कंपनी पर दावा नहीं खेला था । हमेशा उन्होंने उसे कंपनियों में निवेश करने का सोचा जिसका मॉडल बहुत मजबूत हो और उसका भविष्य बहुत अच्छा हो।
3. कंपाउंडिंग का जादू (Magic of Compounding)
जब आप किसी कंपनी में बहुत लंबे समय तक निवेदिता रहते हैं तो आपको सिर्फ अपने पैसे पर ही पैसे नहीं मिलते, बल्कि कमाए हुए प्रॉफिट पर भी आपको मुनाफा मिलता है । इसे हम आसान भाषा में कंपाउंडिंग भी कहते हैं । एक बार ” अल्बर्ट आइंस्टीन ” ने इस दुनिया का आठवां अजूबा भी कहा था और नवनीत की कहानी इसका सबसे बड़ा सबूत है।
4. जल्दी शुरुआत करना है जरूरी
आपको करोड़पति बनने के लिए लाखों रुपए की जरूरत नहीं है ,आप छोटी रकम से भी शुरू कर सकते हैं । जरूरी यह है कि आप समय रहते शुरू करिए कब यह छोटे-छोटे कंकर एक विशाल पहाड़ में कन्वर्ट हो जाए , कहां नहीं जा सकता । तो इन्वेस्टमेंट कि आप शुरुआत करें और लंबे समय तक निवेशित रहें।
निष्कर्ष
नवनीत छपरवाल और उनके दादाजी की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि निवेश सिर्फ पैसा बनाना नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करना है। आपके द्वारा आज बोया गया एक छोटा सा बीज, कल एक विशाल पेड़ बन सकता है जो आपको और आपकी आने वाली पीढ़ियों को मीठे फल देगा।
तो आपने क्या सोच हैं? आज ही अपनी इन्वेस्टमेंट यात्रा शुरू करें, क्योंकि क्या पता आपका एक छोटा सा फैसला कल आपके लिए एक नई कहानी लिख दे।
डिस्क्लेमर: Pressera.in पर दी गई सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। निवेश से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार यानी सर्टिफाइड एक्सपर्ट की राय जरूर लें।










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