Arattai App के मालिक कौन? इस IIT से की पढ़ाई; ₹52 हजार करोड़ के मालिक फिर भी गांव में रहते है

Arattai App के मालिक कौन?

भारतीय सोशल मीडिया Arattai App आजकल बहुत सुर्खियां बटोर रही है ऐसे में क्या आपको पता है कि अराटाई के मालिक (Who is the owner of Arattai App) कौन हैं। यदि नहींतो हम आज इस पॉपुलर ऐप के पीछे आखिर कौन है उनके बारे में हम लोग विस्तार से जानेंगे तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें

।दरअसल इस ऐप के पीछे उसे शख्स का हाथ है जिसने IIT यानी इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की और अमेरिका में आईटी की जॉब की और जब उन्हें लगा कि मुझे कुछ अपना करना है तो उन्होंने भारत में रहकर बिजनेस करने का फैसला किया उन्होंने अपना बिजनेस कहीं बड़े शहर में रहकर नहीं शुरू किया बल्कि उन्होंने अपने इस कंपनी की शुरुआत एक छोटे से गांव में ही स्थापित किया ।

Arattai App

कौन हैं श्रीधर वेम्बू अराटाई ऐप के मालिक

पीछे जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बू का हाथ है। श्रीधर वेम्बु तमिलनाडु के तेनकासी में स्थित कंपनी के विकास केंद्र में साइकिल से काम पर जाते हैं। वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।
Zoho कॉरपोरेशन की को फाइंडिंग 1996 में श्रीधर और टोनी थॉमस द्वारा की गई थी यह एक चेन्नई हेड क्वार्टर्स एप्स फॉर्म है जो धीरे-धीरे ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेयर बन गई कंपनी ने अब तक 80 से ज्यादा क्लाउड बीएड एप्लीकेशन बना लिए हैं

इनमें कई कस्टमर रिलेशनशिप जिम ईमेल मैनेजमेंट हर काउंटिंग प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सब कुछ शामिल है दोस्तों आज के समय में कंपनी का जो एनुअल रिवेन्यू है वह करीब करीब Rs 83000 करोड़ से ज्यादा है और इसमें यूजर्स भारत समेत कई देशों के हैं |

।इसके प्रोडक्ट्स डेढ़ सौ से ज्यादा देशों में 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल कर रहे हैं, छोटी स्टार्टअप से लेकर फॉर्च्यून 500 इंटरप्राइजेज तक इस्तेमाल कर रहे हैं ।

कितने पढ़ें-लिखे हैं श्रीधर वेम्बू

श्रीधर वेम्बू IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की और 1989 में उन्होंने स्नातक कि डिग्री धारण की, उसके बाद उन्होंने 1994 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी कि डिग्री हासिल की।

श्रीधर बंबू ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद क्वालकॉम में सिस्टम डिजाइन इंजीनियरिंग के पोजीशन पर अपना करियर स्टार्ट किया जहां उनका ध्यान वायरलेस तकनीक पर केंद्रित था उन्होंने कुछ सालों तक इसी तकनीक पर काम किया जिन्हे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।

श्रीधर वेम्बू कितनी दौलत के मालिक

 

श्रीधर वेम्बू की संपत्ति का अंदाजा अब इसी बात से लगा सकते हैं कि वो फोर्ब्स की भारत के सबसे धनी व्यक्तियों की 2024 की लिस्ट में 39वें स्थान पर हैं, उनकी कुल संपत्ति 5.85 बिलियन डॉलर (करीब 51,905 करोड़ रुपये) आंकी गई है।2021 में भारत सरकार ने उन्हें देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया, जो टेक उद्योग और भारतीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान का सम्मान है।

9 अक्टूबर, 2024 के फोर्ब्स इंडिया की शीर्ष 100 सबसे अमीर लोगों की सूची में वेम्बू और उनके भाई-बहन 5.8 बिलियन डॉलर की संयुक्त संपत्ति के साथ 51वें स्थान पर हैं।

वेम्बू ने अपने गांव में खुद का कार्यालय बनाया, लेकिन उन्होंने किसी तकनीकी केंद्र में लौटने के सामान्य मार्ग पर चलने के बजाय भारत लौटने का निर्णय लिया। यह दिल्ली, बेंगलुरू या हैदराबाद में नहीं है, बल्कि तमिलनाडु के तेनकाशी के एक छोटे से गांव में है।

इस पर आपको विश्वास नहीं होगा लेकिन उन्होंने ऐसा डिसीजन लेकर उसे समय लोगों को चौंका दिया था लेकिन अब उनके दर्शन का केंद्र बन गया है बंबू का यह मानना है कि अगर आपको विश्व में अपना कारोबार फैलाना है|

तो महानगरों या शहरों में आने की जरूरत नहीं है आप अपने गांव में रहकर उन प्रतिभाओं द्वारा बनाया जा सकता है जिन्हें आप पारंपरिक व्यवस्था से अक्सर नजर अंदाज कर देती है और उन्होंने ऐसा करके दिखाया है उनके इस उपलब्धि के पीछे उनके दोस्तों और उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान है 1996 में बंबू ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर एडवेंटनेट की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य वैश्विक दर्शकों के लिए एक भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद कंपनी बनाना था।

 Arattai : एक भारतीय मैसेजिंग ऐप की असाधारण उड़ान!

ग्लोबल टेक व्हाट्सएप एमएस ऑफिस गूगल जैसी दिग्गजों को टक्कर देने के के लिए श्रीधर वेम्बू के सपने को साकार करते हुए, ज़ोहो ने 2021 में मैसेजिंग ऐप अरट्टई को लॉन्च किया। तमिल भाषा में “इंस्टेंट चैट” के अर्थ वाले इस ऐप ने भारत के डिजिटल परिदृश्य में एक नई क्रांति ला दी है।

जो यह एक कभी एक छोटा सा साइड प्रोजेक्ट हुआ करता था आज वह भारत के डाउनलोड चार्ट पर सबसे ऊपर है
ग्रुप चैट, वॉइस/वीडियो कॉल और स्टोरीज़ जैसी तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस, अरट्टई ने बहुत ही कम समय में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

इसकी लोकप्रियता में तब गजब का उछाल तब आया जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे अपना समर्थन दिया और देशवासियों से स्वदेशी डिजिटल समाधान अपनाने के लिए कहा । सरकार के इस कदम और सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस ने ऐसी चिंगारी लगाई कि साइन-अप की संख्या प्रतिदिन 3,000 से सीधे 3,50,000 पर पहुँच गई!

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Werinjay

 

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