परिचय
नमस्कार, मेरा नाम है Ankit Raj और आज हम बात करेंगे Zoho की—एक स्वदेशी भारतीय टेक्नोलॉजी दिग्गज जो MS Office और Google Workspace को चुनौती दे रही है।
स्वदेशी एप्लिकेशन Zoho की ओर बड़ा कदम
आप MS Office को ऑफिस, घर या कंप्यूटर पर प्रेजेंटेशन देने के लिए उपयोग करते हैं। आपने शायद कभी इसके अल्टरनेटिव के बारे में नहीं सोचा होगा। , अगर आपने नहीं सोचा है तो सोच लीजिए क्योंकि लॉन्च हो चुका है भारत में जो जो सीधा दे सकता है एमएस ऑफिस और गूगल जैसे बड़े-बड़े जॉइंट्स को टक्कर !

मंत्री अश्विनी वैष्णव का Zoho पर भरोसा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है की “हम वो सामान खरीदें जो मेड इन इंडिया हो। जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो। हमारे देश के बेटे बेटियों का पसीना हो। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है।”
जब हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी ने मेड इन इंडिया यानी स्वदेशी प्रोडक्ट्स के लिए एक बार फिर पुश किया है, तो सारे लोग स्वदेशी की ओर फिर से शिफ्ट हो रहे हैं । नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का यह वीडियो सामने आया है । जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है कि जब उन्होंने डॉक्यूमेंट स्प्रेडशीट्स और प्रेजेंटेशस को संभालने के लिए भारतीय यानी स्वदेशी जॉन पर स्विच करने का फैसला साझा किया है उन्होंने कहा है कि मैं जो हो मेड इन इंडिया डिजिटल टूल है उसे पर शिफ्ट हो रहा हूं।
अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर जोर दे रहे हैं कि भारतीय अल्टरनेटिव्स को अपनाना बहुत जरूरी है और यूजर्स को जो हो जैसे डोमेस्टिक ऑप्शंस को कंसीडर करना चाहिए । लेकिन सबसे पहले आप लोगों को समझाना पड़ेगा कि जोहो है
Zoho क्या है?
Zoho कॉरपोरेशन की को फाइंडिंग 1996 में श्रीधर और टोनी थॉमस द्वारा की गई थी यह एक चेन्नई हेड क्वार्टर्स एप्स फॉर्म है जो धीरे-धीरे ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेयर बन गई कंपनी ने अब तक 80 से ज्यादा क्लाउड बीएड एप्लीकेशन बना लिए हैं इनमें कई कस्टमर रिलेशनशिप जिम ईमेल मैनेजमेंट हर काउंटिंग प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सब कुछ शामिल है दोस्तों आज के समय में कंपनी का जो एनुअल रिवेन्यू है वह करीब करीब Rs 83000 करोड़ से ज्यादा है और इसमें यूजर्स भारत समेत कई देशों के हैं ।इसके प्रोडक्ट्स डेढ़ सौ से ज्यादा देशों में 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स इस्तेमाल कर रहे हैं, छोटी स्टार्टअप से लेकर फॉर्च्यून 500 इंटरप्राइजेज तक इस्तेमाल कर रहे हैं ।
प्रोडक्टिविटी के मामले में जो हो अपनी कोलैबोरेशन और ऑफिस टूल्स को जो हो वर्कप्लेस और जो हो ऑफिस स्वीट जैसे प्लेटफार्म के तहत बन रहा है इस ऑफिरिंग्स ने कंपनी को सीधे कंपटीशन में खड़ा कर दिया है ग्लोबल जॉइंट्स के साथ जैसे कि गूगल माइक्रोसॉफ्ट ,ऑफिस 365 zoho एक मेड इन इंडिया ऐप्स है हालांकि यह कानूनी तौर पर या यूजर्स में इनकॉरपोरेटेड है लेकिन जो हो लगातार अपने मेड इन इंडिया फिलासफी को लेकर के आगे बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीण भारत से ग्लोबल ब्रांड तक
इसके कारण ऑपरेशंस का जो सबसे बड़ा हिस्सा है वह तमिलनाडु के एक गांव से ऑपरेट होता है लेकिन ध्रुवनाथ ने अपनी किताब द ऑर्गेनिक कॉर्न्स में लिखा है कि बंबू भारत में गरीब और बेरोजगारी से चींटी थे उन्होंने ग्रामीण इलाकों में डेवलपमेंट करने का फैसला लिया था लेकिन उन्होंने तमिल नाडु के तन काशी जिले में मतलब पराए गांव में Zoho का सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर खोल दिया आज Zoho का बड़ा हिस्सा यही से ऑपरेट होता है।
Zoho स्कूल्स: ग्रामीण प्रतिभा की ताकत
श्रीधर वेम्बू ने रूलर डेवलपमेंट के लिए जो हो स्कूल भी शुरू किए थे इस दो वर्षीय प्रोग्राम में हर सोशल या इकोनामिक बैकग्राउंड के छात्रों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की थियोरेटिकल इसके साथ-साथ प्रेक्टिकल नॉलेज दी जाती है आज जोन के वर्क कर एस और वर्कफोर्स का लगभग 15 से 16 परसेंट इन्हीं स्कूलों से आता है अब हम बात करते हैं कि जोड़ों को क्या ऐसा चीज है जो यूनिक बनती है।
इसमें सबसे बड़ी बात जो आती है ,वह है ग्रामीण प्रतिभा का विकास जो हो स्कूल प्रोजेक्ट्स में इन देश की अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों से इसे अलग बना दिया है । इसके वर्कफोर्स कास्ट कम हुई है और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ा दिया है ।दूसरी जो बात है वह है उसके लेवल बिजनेस मॉडल जो हो प्रोडक्ट्स बेस मॉडल पर काम करता है जिससे स्केलेबिलिटी ज्यादा हो जाती है , शुरुआत में तो बहुत छोटे-छोटे बिजनेस ने जॉन को अपनाया था लेकिन धीरे-धीरे आज बहुत बड़े-बड़े बिजनेस भी जॉन को अपनाना शुरू कर दी है यह भारत के स्वदेशी प्रोग्राम के लिए बहुत ही प्रभावशाली है।
प्रतियोगिता:
Microsoft और Google को सीधी चुनौतीZoho Workplace और Zoho Office Suite सीधे Microsoft Office और Google Workspace को टक्कर दे रहे हैं।इसने Made in India के नाम पर टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक बड़ा इम्पैक्ट डाला है।
निष्कर्ष: क्या आप भी करेंगे स्विच
जैसे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Zoho Corporation – Wikipediaपर स्विच किया है, क्या अब आप भी Made in India प्रोडक्ट अपनाएंगे? यह भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक जरूरी कदम हो सकता है।
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Gufrankhan
Very good